मस्क बनेंगे दुनिया के सबसे पहले खरबपति, SpaceX का IPO पूरा करेगा सपना

मस्क बनेंगे दुनिया के सबसे पहले खरबपति, SpaceX का IPO पूरा करेगा सपना

SpaceX IPO Rewrites Wall Street Rules

SpaceX IPO Rewrites Wall Street Rules

SpaceX IPO Rewrites Wall Street Rules: एलन मस्क जब कुछ करते हैं तो उस काम पर दुनिया की नजरें टिक जाती हैं. टेस्ला के बाद अब उनकी रॉकेट बनाने वाली कंपनी स्पेसएक्स सबसे बड़ा आईपीओ 12 जून के ला रही है. इस आईपीओ की वैल्यूएशन और आईपीओ को लाने के तौर तरीकों को देखकर एक्सपर्ट भी हैरान हो रहे हैं. हैरानी इस बात से है कि अमूमन जब भी कोई कंपनी शेयर मार्केट में आती है तो वो अपने शेयरों के लिए एक प्राइस रेंज सेट करती है. इसके बाद निवेशकों की डिमांड को देखते हुए इसका फाइनल प्राइस सेट किया जाता है. लेकिन स्पेसएक्स ने इस झंझट से ही खुद को दूर कर दिया है.

मस्क ने साफ कहा है कि एक शेयर की कीमत 135 डॉलर है. अगर आपको लेना है तो लीजिए, नहीं तो आगे बढ़िए. इस फिक्स्ड प्राइसिंग ने वॉल स्ट्रीट की पुरानी परंपना बुक बिल्डिंग प्रोसेस को ही हटा दिया. अभी कुछ महीने पहले ही एआई चिपमेकर कंपनी सेरेब्रस ने अपना आईपीओ लॉन्च किया था, डिमांड को देखते हुए 185 डॉलर एक शेयर का प्राइस तय किया गया, जिसके बाद उसका शेयर पहले ही दिन 68% चढ़कर बंद हुआ.

बिना मुनाफे के ट्रिलियन डॉलर की वैल्यूएशन

स्पेसएक्स इस आईपीओ से 1.77 ट्रिलियन डॉलर जुटाने की कोशिश में है. ये डिमांड ऐसे समय में है जब कंपनी ने पिछले साल 18.7 बिलियन डॉलर का रेवेन्यू बनाया पर 4.2 बिलियन डॉलर का ऑपरेटिंग लॉस भी झेला. इसकी तुलना दूसरी ट्रिलियन डॉलर कंपनियों से करें तो सबसे कम रेवेन्यू वाली कंपनी माइक्रोन है, जिसे पिछले साल 58 बिलियन डॉलर कमाय थे. वहीं सबसे कम मुनाफे वाली कंपनी खुद मस्क की टेस्ला है, जिसका 2025 का नेट प्रॉफिट 3.8 बिलियन डॉलर था. ऐसे में बिना किसी मुनाफे के स्पेसएक्स का इतना बड़ा वैल्यूएशन डिमांड करना एक्सपर्ट को हैरान कर रहा है. 

शुक्रवार को शुरू होगा एक्शन

अब जब कंपनी ने अपने शेयरों की कीमत पहले ही तय कर दी है तो इसका एक बड़ा फायदा उसे हुआ है. बुधवार को ही कंपनी ने अपने ऑर्डर लेने की विंडों को क्लोज कर दिया. अब कंपनी के पास गुरुवार का एक पूरा दिन है, जिसमें वो अपनी प्लानिंग पर और ज्यादा फोकस कर पाएगी. प्लानिंग ये कि किसे कितने शेयर्स दिए जाएं. आमतौर पर ये काम मार्केट खुलने से ठीक पहले होता है, लेकिन 75 बिलियन के इस बड़े आईपीओ के लिए मैनेजमेंट को ज्यादा समय की जरूरत थी, जो इस फिक्स्ड स्ट्रेटजी ने उन्हें दे दिया. यानी कहा जा सकता है कि शुक्रवार को मार्केट खुलते ही कंपनी के शेयरों में ट्रेडिंग शुरू हो जाएगी.

रिटेल निवेशकों पर कंपनी ने चला दांव

मस्क की प्लानिंग में एक नई बात ये देखने को मिली है कि वो इस आईपीओ में अपने साथ ज्यादा से ज्यादा रिटेल निवेशकों को जोड़ना चाहते हैं. कंपनी की प्लानिंग कुल बेचे जाने वाले शेयरों का करीब 30% हिस्सा रिटेल निवेशकों को देने की है, जबकि फिडेलिटी के आंकड़ों के अनुसार किसी भी नॉर्मल आईपीओ में रिटेल निवेशकों का शेयर सिर्फ 5 से 10% ही होता है. 

हालांकि, रिटेल निवेशकों को इतना बड़ा शेयर देने का दांव हमेशा चल जाए, ऐसा नहीं है. साल 2021 में जब ट्रेडिंग प्लेटफॉर्म रॉबिनहुड का आईपीओ आया था, तो उसने भी 20 से 35% हिस्सा रिटेल निवेशकों को देने की बात कही थी. हुआ ये कि एलॉटमेंट सबसे लो लेवल पर रहा और लिस्टिंग के पहले ही दिन उसका शेयर 8% टूट गया. ऐसे में देखने वाली बात होती है कि मस्का का ये 30% का दांव कितना दमदार रहता है.